जिंदगी के कुछ हादसे

जिंदगी के कुछ हादसे ऐसे होते हैं कि सबकुछ बदल देते हैं। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। मेरी उम्र 30 साल है। साल 2019 में मेरी मम्मी की पसंद की लड़की से मेरी शादी हुई थी लेकिन मेरी शादीशुदा बहन ने उस लड़की से शादी करने से मना किया था। मैं दिल्ली में जॉब करता था तो शादी के बाद मेरी बीवी मेरे परिवार के साथ रहने लगी। दिल्ली में रहने की वजह घर से एक डिस्टेंस हो गया था और घर की बातें मुझे कोई बताता नहीं था कि वहां क्या चल रहा है?
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कुछ महीने बाद अचानक मेरे पास खबर आई कि मां ने जान देने का प्रयास किया है। तब मुझे उन बातों का पता चला जो मुझे घरवालों ने नहीं बताई थी। मेरी शादी के बाद से ही बहन और मां के साथ बीवी के रिश्ते खराब होने लगे। पहले बहन के साथ बीवी के रिश्ते खराब हो गए, फिर मां से भी उसके झगड़े होने लगे जिसका अंजाम ये हुआ कि मां ने डिप्रेशन में जानलेवा कदम उठा लिया। मैं घर गया तो देखा कि मां पागलपन के कगार पर थी। मैंने जॉब छोड़ दी, दिल्ली भी छोड़ दी और घर आ गया। यहीं मैं हमेशा के लिए शिफ्ट हो गया।
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मैंने देखा कि घर में रिश्तों के हालात बहुत खराब हैं। मां को बहुत मुश्किल से संभाला लेकिन बीवी के मन में मेरी मां बहन के लिए बहुत नफरत भर गई थी। मैंने हालात ठीक करने का प्रयास किया लेकिन हो नहीं पाया। बीवी से मेरे रिश्ते खराब होने लगे। मुझे लगा कि मेरी बहन का घर में बहुत दखल था तो पहले बहन से रिश्ते खराब हुए होंगे, फिर मां ने बहन का साथ दिया होगा तो मां से भी बीवी के रिश्ते खराब होने लगे। अब मैं मां बहन के पक्ष में था तो यही मेरे साथ होने लगा।
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मेरी बीवी, मां बहन के बारे में गलत बोलती रहती थी तो कुछ दिन तक तो मैंने बर्दाश्त किया लेकिन कहां तक कर पाता? बीवी के साथ मेरे रिश्ते में खटास आ गई थी। घर का माहौल यह था कि ऐसा लगता था कि बीवी गाली देते देत मर जाएगी और मेरे मां पापा गाली सुन सुनकर खत्म हो जाएंगे। मैंने बीवी को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। वो बहुत बदल गई थी तब मुझे लगा कि इस रिश्ते को खत्म कर देना ही बेहतर है ताकि कम से कम ये लोग जिंदा तो रहें। बीवी से मेरा तलाक हो गया और इसमें मैं बहुत इमोशनल ट्रॉमा से गुजरा।
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अब मम्मी पापा फिर से मेरी शादी कराना चाहते हैं लेकिन मेरा करियर, इमोशन सबकुछ हिल चुका है, नौकरी तो कर रहा हूं लेकिन शादी करने का मन नहीं है। जो हालात मैंने देखे हैं, उसके बाद यही सोचता रहता हूं कि बस मेरे मां पापा की लाइफ ठीक से निकल जाए। लेकिन बहन के स्वभाव में अभी भी बदलाव नहीं आया है। वो मुझे ही बुरा भला कहती है। घर में जो कुछ भी हुआ, उसके लिए मुझे ही जिम्मेदार ठहराती है।
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मुझे लगता है कि मेरी वाइफ ऐसी नहीं थी लेकिन मेरे परिवार के कुछ लोगों के रवैये ने उसे ऐसा बना दिया। इसलिए जो अब तक हुआ, वो मेरी दूसरी बीवी के साथ भी हो सकता है इसलिए शादी को लेकर फैसला नहीं ले पा रहा हूं। मेरे मां पापा तो शरीफ हैं लेकिन मेरी बहन उनको एक डांट में चुप कर देती है। मुझे तो मेरी बहन कुछ समझती ही नहीं इसलिए आगे क्या करूं? मां पापा शादी के लिए बहुत दबाव डाल रहे हैं, शादी को लेकर क्या फैसला लूं?

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