पत्नी कहे कि मुझे अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने दो तो ऐसी हालत में घर बसाए रखने और बच्चों का भविष्य बचाने के लिए पति क्या करे? मैं 42 साल का हूं और सरकारी नौकरी करता हूं। पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता हूं। बीते कुछ वर्षों में कामकाज में बहुत ज्यादा व्यस्तता रही। इस वजह से पत्नी और बच्चों पर कम ध्यान दे पाया। इसका परिणाम यह हुआ कि पत्नी ने मेरे साथ रिश्ता बहुत खराब कर लिया है। वो मुझसे बहुत नाराज रहने लगी।
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मेरी शादी को 12 साल बीत चुके हैं और मैं भी मानता हूं कि हां, मेरे जीवन में व्यस्तता रही लेकिन मैं तो जो कर रहा था, अपनी पत्नी और बच्चों के लिए ही कर रहा था। दरअसल, मैं वेतन की कमाई से और पैसा बनाने के चक्कर में शेयर वगैरह में इनवेस्टमेंट में लगातार जुटा रहा और कुछ बरसों के लिए परिवार कब पीछे छूट गया, पत्नी कब मुझसे नफरत करने लगी, मुझे पता ही नहीं चला। बच्चों को भी लगने लगा कि पापा हमारा ख्याल नहीं रखते। मुझे अचानक होश आया लेकिन तब तक शायद देर हो चुकी थी।
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मुझे जब अहसास हुआ तो अपने आप पर बहुत अफसोस हुआ। मैंने अपनी पत्नी को पास बिठाकर उसको अपने पैसों और इन्वेस्टमेंट की सारी डिटेल उसे बताई और समझाने का प्रयास किया कि मैं जो कुछ भी कर रहा था, तुम्हारे लिए और बच्चों के लिए कर रहा था। मैं पैसों की ज्यादा से ज्यादा बचत और निवेश कर रहा था ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित हो। मैंने पत्नी से माफी मांगी और परिवार पर ध्यान नहीं देने के अहसास से पश्चाताप की अग्नि में आज भी जल रहा हूं।
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लेकिन पत्नी कहती है कि तुम पर से भरोसा उठ चुका है, तुमने मेरा कोई ध्यान नहीं रखा इसलिए अब मैं अपने दोस्तों में मन लगा चुकी हूं। वो दिनभर फोन पर बात करने और चैट करने में लगी रहती है। मुझे नहीं मालूम कि दूसरी तरफ कौन है और उससे मेरी पत्नी का क्या रिश्ता है? मैं अपनी पत्नी के प्रति हमेशा वफादार रहा। सिर्फ ज्यादा पैसा बनाने के चक्कर में परिवार का ख्याल नहीं रख पाया लेकिन पत्नी अब क्या कर रही है, किससे बात करती है, मुझे नहीं मालूम। वो हमेशा आजाद ख्यालों वाली रही है। वो कहती है कि दोस्तों के बीच से निकलने में उसे समय लगेगा, फिलहाल वो मेरे साथ बस नाम की बीवी बनकर रहेगी। वो तलाक या अलगाव भी नहीं करेगी।
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मैं पत्नी से सीधे उसके दोस्तों के बारे में बात नहीं कर सकता क्योंकि इससे हमारे रिश्ते और खराब होंगे। वैसे इस ओर इशारा करने पर वो कहती है कि तुम्हारे दिमाग में भूसा भरा है। अपशब्द बोलती है। शायद इसका दोषी मैं ही हूं। मैंने उसका दिल दुखाया, उसकी जरूरतों का ख्याल नहीं रखा, उसकी भावनाओं को नहीं समझा, उसे मैं वो रिस्पेक्ट नहीं दे पाया, जो वो चाहती थी। माफी मांगकर अब उसका और बच्चों का ख्याल रखने लगा हूं। उसको यह भी बता दिया है कि आगे कभी भी शिकायत का मौका नहीं दूंगा, तुमको खुश रखूंगा।
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लेकिन पत्नी के तौर पर वो अलग ही रहती है। एक घर में रहकर भी हम एक तरह से अलग ही रहते हैं। शादी के बाद वो मुझसे प्यार करती थी लेकिन शायद मैं उसके प्यार की कद्र नहीं कर पाया और आज ये सजा भुगत रहा हूं। मैं भी अलगाव नहीं चाहता। मैं नहीं चाहता कि मेरा परिवार इन सब वजहों से बिखर जाए। हम दोनों के बीच क्लेश की वजह से बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है इसलिए मैं बस अब चुप ही रहता हूं। मैं एक नई जिंदगी की शुरुआत करना चाहता हूं लेकिन ऐसा लगता है कि पत्नी मुझसे बहुत दूर जा चुकी है। फिलहाल तो आप सबसे यह जानना चाहता हूं कि क्या मैंने शादी के बाद कुछ गलत किया या फिर आज जो कर रहा हूं, क्या वो सही है? क्या मेरे जीवन में सबकुछ ठीक होगा?
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