मेरी सास ने मुझे विवाह से पहले ही परेशान किया

ये बातें शेयर करते समय मेरी आंखों से आंसू बह रहे हैं। मैं एक मिड्ल क्लास लड़की हूं और आत्मनिर्भर हूं। मेरे पापा नहीं हैं। मेरी दो बहनें शादी होने के बाद अपनी लाइफ में सेटल्ड हैं। इधर, घर में मैं, भाई और मां बच गए हैं। पापा के असामयिक निधन के बाद मां बहुत टूट गईं हैं। वो हमेशा हमारी चिंता करती हूं। मां चाहती हैं कि उनकी आंखों के सामने हम दोनों का विवाह हो जाए, घर बस जाए।
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मैं पिछले एक साल से एक लड़के के साथ मर्यादित लव रिलेशनशिप में थी। वो भी मुझसे प्यार करता है और मैंने अपने घरवालों को लड़के से मिलवाया। दोनों परिवारों की सहमति से हम दोनों की शादी का रिश्ता पक्का कर दिया गया। तीन महीने बाद मेरी शादी की तारीख है। लड़के ने मेरे परिवार को भरोसा दिलाया कि वो मुझे खुश रखेगा और मेरा साथ देगा। हम दोनों के बीच हर बात शीशे की तरह साफ थी। एक दूसरे से हमने वैसे तो कुछ नहीं छिपाया लेकिन लड़का मुझसे अपनी मां के बिहेव के बारे में छुपा गया।
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शादी का रिश्ता फिक्स होने के बाद मैं उनके घर कभी कभार विशेष मौकों पर आने जाने लगी। मेरे ससुर और देवर तो अच्छे हैं लेकिन मेरी होने वाली सास बहुत चिड़चिड़ी और झगड़ा फसाद करने वाली हैं। मेरे साथ उनकी मां इतना बुरा व्यवहार करती है कि नौबत यहां तक आ चुकी है कि मेरे और मंगेतर के बीच रिश्ते बिगड़ चुके हैं। वो हमेशा अपनी मां का पक्ष लेते हैं और उनको कभी भी गलत नहीं कहते।
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मुझे यह भी पता चला कि जब मेरे ससुर जी की शादी हुई थी उसके बाद ही मेरी होने वाली सास ने उनका संबंध सभी रिश्तेदारों से तुड़वा दिया था। वो घर में हमेशा अशांति फैलाए रहती है। मां के खराब व्यवहार से देवर को डिप्रेशन रहता है तो मैं उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। मैं ससुर जी का भी ख्याल रखती हूं। उनके घर कभी कभी अपने हाथ का बनाया खाना भिजवा देती हूं जो ससुर जी बहुत पसंद करते हैं। एक बार उन्होंने मेरे बनाए खाने की तारीफ कर दी सास ने उनको पीट दिया। ससुर जी को भी वो बेइज्जत करती रहती है।
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मुझमें वो हमेशा कमियां निकालती हैं और मेरे मंगेतर को मेरे खिलाफ भड़काती है। मेरी शादी को तीन महीने रह गए हैं। दिल तो करता है कि यह शादी तोड़ दूं लेकिन इससे समाज में हमारी इज्जत खराब होगी और आगे भाई की शादी होने में मुश्किल हो सकती है। मैं सोचती हूं कि जीवनभर उस घर में कैसे रहूंगी, जहां ऐसी सास होगी। बस इन्हीं सब बातों से डरकर मैं कुछ कर नहीं पा रही हूं। वो तो मुझे अभी ही अपने परिवार के सामने जलील करती है।
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होली के दिन भी जब मैं उनके घर गई तो सास ने मेरे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। मैं अब टूट गई हूं कि मेरे साथ इतना गलत होने के बावजूद मेरे मंगेतर ने अपनी मां को ही सही ठहराया। मैं जानती हूं कि इसके बाद मेरे साथ आगे और भी ज्यादा बदसलूकी होने वाली है। मैं दिन रात रोती रहती हूं और अपनी मां से ये बातें नहीं कह पा रही हूं। मेरा मंगेतर जब कभी मेरा पक्ष लेता है, उसकी मां उसका जीना दूभर कर देती है। ऐसा लगता है जैसे वो पूरी तरह बदल चुका है और अब मेरा भरोसा भी टूट रहा है।  बहुत अकेला महसूस कर रही हूं। भगवान पर भरोसा करती हूं बस इसलिए किसी तरह खुद को संभाले हुए हूं।
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फिर सोचती हूं कि ऐसी तो कई लड़कियां हैं जिनको इस तरह की सास से दो चार होना पड़ता है। मैं समझ नहीं पा रही हूं कि लड़के की मां के खराब व्यवहार को देखकर उस लड़के को छोड़ना कहां तक उचित होगा? वो कहता है कि जो सही होगा, मैं उसी का साथ दूंगा। वो अपने काम में भी अब डिस्टर्ब सा रहता है। मैं उसके काम में भी हर संभव मदद देने का प्रयास करती हूं। हम दोनों साथ साथ खुश रहते थे लेकिन अपनी मां की वजह से उसने मुझसे ही रिश्ता खराब कर लिया है। हमारे मनमुटाव का बस एक कारण है उसकी मां, क्या इसलिए इस शादी को टालना सही होगा? या इस परेशानी से मैं कैसे निपटूं? मार्गदर्शन करें।

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