दिल का दरिया भय ही गया राहों में जो तू मिल गया कब से था मैं संभला हुआ टूट गया हूं फिर इस तरह...
आइए जानते हैं कुछ ऐसी बाते जो हम में से कई लोगों के दिल में छुपी होती हैं हम उनका इजहार नहीं करते और एक समय पर बातें हमारे लिए बीमारी भी बन जाती है आज हम बात करेंगे डिसापोइंटेड लव यानी कि वह प्यार जिसमें हमें निराशा मिली हो जिसमें हमारे महबूब ने या महबूबा ने हमें छोड़ दिया हो बीच रास्ते में...!
हालांकि यह सब सामान्य है 95% लड़कियां अरेंज मैरिज को ही पसंद करती है 5 परसेंट किसी कारण बस लव मैरिज कर लेती हैं ,
क्योंकि हमारा भारतीय समाज खास करके उत्तर भारत में अभी इतनी फ्रीडम सामाजिक तौर पर नहीं मिली कि हम अपने फैसले बिना किसी झिझक के ले सके इसी के चलते हम अपने किए गए कृत्य को मजबूरन छोड़कर अपना वैवाहिक जीवन शुरू कर देते हैं।
अगर दोनों साथियों में से दोनों की शादी कुछ समय के अंतर पर हो जाती है तो यह सब सामान्य हो जाता है मगर उसमें से यदि एक ही अपना वैवाहिक जीवन शुरू कर देता है परंतु दूसरा किसी कारण के चलते या किसी तनाव - स्ट्रेस के चलते अपना वैवाहिक जीवन शुरू नहीं कर पाता या शुरू नहीं करना चाहता तो उसके लिए यह सब असामान्य हो जाता है कुछ जगहों पर हमने देखा है कि कुछ सरफिरे मनचले लड़कियों को उनकी शादी के बाद किसी तरह ब्लैकमेल करते हैं और उनसे हर तरह का फायदा उठाना चाहते हैं जो कि बिल्कुल गलत गैरकानूनी है सामाजिक और धार्मिकता से भी अपराध की श्रेणी में आता है।
अतः जिस प्रकार हमारे शरीर के किसी अंग में क्षति हो जाने पर हमें उसका उपचार कराने पर आराम मिल जाता है उसी तरह हमारे मन में लगी इस चोट को अगर हम समय पर उपचार करा लें तो मुमकिन है कि हम बहुत सारी बीमारियों से बहुत सारी परेशानियों से बहुत पहले ही बच जाएंगे और हमें ऐसा करना भी चाहिए ।
यदि हम डिप्रेशन में चले गए हैं यदि हम किसी तरह के पागलपन में खुद को महसूस करने लगे हैं हमारा मन चीजों से हटने लगा है हमारे पूर्व प्रेमी एवं प्रेमिका को हमारे तथाकथित प्रेम को भूले हुए एक अरसा गुजर गया है ।
परंतु हम उससे नहीं निकल पा रहे हैं हमें दिन-रात वह सारी चीजें अपनी आंखों के सामने ही नजर आते हैं हम भूलने की कोशिश करते हैं मगर हम भूल नहीं पाते हम रोते हैं तड़पते हैं और रोज कुछ ना कुछ प्लानिंग बनाते हैं परंतु अगले दिन फिर हम खुद को उसी जगह खड़ा पाते हैं।
मेरे कहने का अर्थ यह है कि यदि आप डिप्रेशन में है आप किसी चीज को भूल नहीं पा रहे हैं आप परस्पर तनाव में रहते हैं और आपके अंदर एक पागलपन सा पैदा हो गया है आप असामान्य हरकत करने लगे हैं आप अत्यधिक नशा करने लगे हैं आप अत्यधिक सोने लगे आपको ऐसा लगता है कि अगर आप बाहर जाएंगे आप सड़कों पर घूमेंगे या आप किसी ऐसी जगह जाएंगे जहां लोगों का समूह आपको मिलता है तो सब आपको कुछ भला बुरा कहने लगेंगे इसको हम पब्लिक फोबिया भी कहते हैं।
कुछ पर्सनैलिटी डिसऑर्डर भी होते हैं और जब हम घर में बने रहते हैं तो हमारे अंदर बहुत सारी ऐसी चीजें आ जाती हैं जो सामान्य नही है और हमारे आगे के जीवन को जीने के लिए बहुत कठिन रास्ता तैयार कर देती हैं ।
हम सभी तरह का इलाज कराते हैं यदि हम सांस नहीं ले पा रहे हैं तो रेस्पिरेट्री विभाग में जाते हैं और हम वहां के डॉक्टर से इलाज कराते हैं यदि हम सही से धड़कनों को नहीं मैनेज कर पा रहे तो हम कार्डियोलॉजिस्ट के पास जाते हैं और उससे इलाज कराते हैं यदि हम सही से सुन नहीं पा रहे हैं सही से खुशबू नहीं ले पा रहे हैं या हम अपने गले से परेशान हैं तो हम ईएनटी स्पेशलिस्ट के पास जाते हैं इसी तरह यदि हम सही से देख नहीं पा रहे हैं देखने में स्पष्टता नहीं है जो पहले थी, तब हम ऑप्थोमालॉजिस्ट के पास जाते हैं, इसी तरह यदि हमारा मन दुखी है और निरंतर दुखी रहता ही है, और हमारे अंदर असामान्य व्यवहार उत्पन्न हो गया है तो जाहिर है, हमें इलाज करा लेना चाहिए इलाज कराने के बाद पूरी तरह से आप ठीक हो जाएंगे और आप अपनी नई जिंदगी शुरु कर सकते हैं जिंदगी कभी किसी के लिए नहीं रुकती जिंदगी हमें डिवाइन गिफ्ट मिली है तो हमें उसका पूरा प्रयोग करना है , हमें अपनी जिंदगी के जितने साल हमें मिले हैं हम उन्हें अच्छी तरह से बिता सकते हैं।
यदि आपके अंदर कोई भी किसी भी तरह का मेनिया है पागलपन है स्ट्रेस है डिप्रेशन है या कोई ऐसा व्यवहार जो आप किसी अन्य व्यक्ति में नहीं देखते केवल अपने अंदर देखते हैं , आपके अंदर कोई फोबिया है , आप कभी-कभी बहुत ज्यादा खुश रहते हैं कभी-कभी आप बहुत ज्यादा दुखी रहते हैं , छोटी-छोटी चीजें जेसे जॉब का ना लगना आपको निराश कर रहा है आपके परिवार में बच्चे की किलकारी नहीं गूंज रही तो आप बहुत ज्यादा तनाव में हैं आपका सेक्सुअल लाइफ बहुत ज्यादा निम्न हो चुकी है , जोकि स्ट्रेस का एक बहुत बड़ा कारण है... कहने का तात्पर्य यह है खासकर के युवाओं से जो अभी तक अनमैरिड है और कीसी कारण तनाव में है तो उनका वैवाहिक जीवन बाधित हो सकता है क्योंकि हमारे सेक्सुअल ऑर्गन हमारे मस्तिक से ही रन होकर काम करते हैं यदि हमारे मस्तिष्क मन का स्वास्थ्य सही नहीं होगा तो जाहिर है हमें बहुत सारी ऐसी चीजों का सामना करना पड़ सकता है जो हमारे लिए दुखदाई हो सकती है।
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बहुत सारी पद्धतियों में मनका मनोरोग का , दिमाग के रोग का, इलाज उपलब्ध है मगर बहुत सारी पद्धतियां ऐसी हैं जो मन का इलाज तो करती है मगर फिर उसको अपने सुपुर्द कर लेती हैं बहुत बहुत लंबा इलाज चलता है और उसके साइड इफेक्ट भी खतरनाक साबित हुए हैं इसलिए हम आप सब को यह सलाह देते हैं यदि आप की फर्स्ट स्टेज है सेकंड स्टेज है या थर्ड स्टेज है या अत्याधिक स्ट्रेस में है तो आप होम्योपैथी को अपनाएं धीरे-धीरे बिना किसी साइड इफेक्ट के आपके यह सारे मर्ज बिल्कुल ठीक हो सकते हैं और यह इलाज बड़ा प्रचलित भी है और विश्वविख्यात भी है कि होम्योपैथी ने बहुत सारे मन के लोगों को बिना किसी नुकसान के ठीक किया है ना तो इसकी आदत होती है और ना ही आप दवाई छोड़ने पर अन्य साइड इफेक्ट अपने बॉडी के अंदर देखते हैं इसलिए एलोपैथिक दवाई लेने से पहले आप होम्योपैथी को अपना हमदर्द बनाएं शायद आपको फिर किसी और पैथी की जरूरत ना पड़े।
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