धागे जेसी मुहब्बत

 धागे वाला प्यार।


जिस प्रकार धागे की संरचना कमजोर पाई जाती है मगर उससे सिले हुए कपड़े /वस्त्रों को हम पहनते हैं जो देखने में काफी मजबूत और हमारे शरीर को हिफाजत और सुरक्षा भी देने में कारगर हैं।

 यह आवश्यक नहीं है कि हम कहने लगे की धागा सिलाई के अलावा किसी काम का नहीं है भले ही वह कमजोर हो मगर उसने लोगों के दिन बदल दिए हैं उससे जुड़ी कुछ एक बात है जिसको लिखने की कोशिश की जा रही है अंत तक पढ़े।


 एक गांव की बात है और उस गांव में भी शहर की तरह एक लड़का एक लड़की से मोहब्बत कर बैठा अक्सर लोग एक दूसरे का साथ देते हैं तो लड़कियों की सहेलीयो ने दोस्ती होने पर उस लड़के का साथ दिया , उसे उस लड़की के बारे में तमाम जानकारियां किसी ना किसी माध्यम से देती रही।


 हुआ यह कि बहुत सारी बातें इधर से उधर हुई और मोहब्बत है वह अपने परवान पर चढ़कर हद से ज्यादा वादे कसमें होने लगे।


हिंदुस्तान में ऐसा माना जाता है की लड़की की शादी मां और बाप ही करेंगे क्योंकि उन्हें जन्म उनके मां-बाप के द्वारा मिला है तो उनका पूरा हक है कि उनके घर और उनकी जिंदगी को बसाने में भी पूरा योगदान उनके मां-बाप का ही होना चाहिए ।


अगर लड़का और लड़की एक दूसरे को पसंद करते हैं बदकिस्मती से वह स्वीकार्य खानदान के नहीं है या बदकिस्मती से वह एक गोत्र के हैं , बदकिस्मती से वह दूसरी जाति के हैं, बदकिस्मती से वह दूसरे धर्म या बदकिस्मती से वह किसी लिहाज से उनके मां-बाप के आंखों को नही भा रहे हैं तो इस तरह के विवाह अधिकतर हमारे देश में या कह लें उत्तर भारत में निष्क्रिय कर दिए जाते हैं।


 जिसमें बहुत सी जगह पर हत्याओं का मामला भी सामने आया है जिसको ऑनर किलिंग के नाम से अखबार के माध्यम से जाना जाता रहा है।


अब उस गांव में भी यही हुआ , एक लड़का एक लड़की को पसंद करता था मगर उनका मिलना बहुत मुश्किल हो गया जब उनके मां-बाप को पता चला कि हमारा लड़का / हमारी लड़की एक दूसरे से बहुत ज्यादा करीबी रखते हैं और कुछ ऐसे में धार्मिक चीजें भी उनके जीवन में उतर सकती हैं इसलिए उन्होंने उस पर रोक लगाई।

 क्योंकि लड़का पक्ष इतना परवाह नहीं करता इसलिए लड़की पक्ष ने ही अपनी लड़की को कब्जे में लेने की सोची।


अब गर्मियों का मौसम था और गांव में अक्सर मकान एक मंजिल या अधिक से अधिक दो मंजिल होते हैं लाइट का आना जाना लगा रहता है जिससे पंखा पूरी रात चले ऐसा संभव भी नहीं है इसलिए मां बाप ने अपनी बेटी को छत पर यानी की दूसरी मंजिल पर सुला दिया जिसे चौबारा कहते हैं।

 लड़की को सुला दिया गया उसके साथ एक दो शख्स और सो गए उसकी हिफाजत के लिए अब लड़की ने क्या किया कि अपने पैर के अंगूठे में कपड़े सीने वाली रील का धागा बांधकर और रील को नीचे फेंक दिया और उस लड़के को यह संदेश पहुंचा दिया कि आज रात हमें घर से फरार होना है , और उसके लिए तुझे रात को मेरे घर पर आना होगा मैं सो रही हूं दूसरी मंजिल पर और मेरे लिए उतरना इतना आसान नहीं होगा इसलिए जब तू पूरी तरह से तैयार हो जाए तो मेरे घर आ जाना मैं तेरे साथ भाग चलूंगी लड़का इस बात के लिए तैयार हो गया और उसने घर के पास आकर उस धागे को खिला दिया जो लड़की ने अपने पैर के अंगूठे में बांधा हुआ था जैसे ही तागा हिला लड़की फॉरेन एक्टिव हो गई और किसी तरह उतरकर उस लड़के के साथ चली गई।


 यह कार्य बहुत मुश्किल होता है अपने घर से भागना।

 उसी तरह से मुश्किलात उनके सामने भी आई और उन्होंने एक दूसरे को पसंद करना बंद कर दिया जब पेट में रोटी नहीं पड़ती सर पर छत नहीं होती समाज में सम्मान नहीं होता तो बड़े से बड़ा आशिक भी घुटनों पर आ सकता है यह साइकोलॉजी है कि समाज के अंदर सामाजिक प्राणी बनकर ही रह जा सकता है ।

भले ही उस समाज में कुछ कुरीतियां हो पर हम उन्हें आलोचना करते हुए अपने समाज में जीवन यापन करते हैं।


ज्यादा अध्ययन करने पर पता चला कि वह दोनों मजहबी नहीं थे अर्थात उनके जीवन में मजहब का बहुत ही कम रोल था।

 लेकिन एक दूसरे से मोहब्बत करने का दावा करते थे और उनकी मोहब्बत चंद दिनों बाद ही इस तरह विखंडित हुई जिससे आसपास के लोगों को भी उदाहरण के तौर पर बताया जाने लगा।

 कुछ दिनों बाद वह लड़का मजहबी बन गया और वह लड़की का विवाह कर नई जीवन में परवेश करते हुए नजर आई।


इस तरह से मजहब के अंदर जाना अध्यात्म होता है लोग जब बेचैन होते हैं तो वह मन की खुशी के लिए इस तरह से मजहब को भी फॉलो करना शुरू कर देते हैं जिसमें बहुत हद तक उनकी एंजाइटी कम भी हो जाती है मन शांत हो जाता है जिससे बहुत सारी बुरी लगने वाली चीजें भी बुरी नहीं लगती।


बाइबल पढ़ने पर एक चीज का पता चला के जो शख्स इंसान से मोहब्बत नहीं कर सकता तो वह इंसान के बनाने वाले से कैसे मोहब्बत करेगा जब वह जीते जागते जो उसके सामने हैं जिसे वह छू सकता है जिसे वह देख सकता है उससे मोहब्बत नहीं कर सकता तो वह उससे किस प्रकार की मोहब्बत करने का दावा करता है , जो न तो दिखता है, न वह उस ईश्वर को छू सका ना महसूस किया केवल उसके बारे में जाना।


अपनी जिंदगी को फ्लेक्सिब्लिटी से जीने से पहले काफी पढ़ना चाहिए।

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