पीडीपी के साथ जम्मू कश्मीर में हुए गठबंधन के बाद यह पता चलता है कि BJP जीतते रहने के लिए कुछ भी कर सकती है।
राजनीतिक दल का उद्देश्य यही होता है, और बीजेपी हाईटेक तरीके से चुनाव जीतने का माद्दा रखती है, इस बात पर इस दल की एकात्मक प्रणाली की सराहना की जानी चाहिए ।
हालांकि सभी दल इस जीत के लिए प्रयासरत हैं और कुछ उपखण्डों में बीजेपी की सत्ता खिसकी भी है, पर बीजेपी की हार का अंतर बड़ा नही रहा।
लेख को छोटा करते हुए मैं लिख रहा हूँ कि जो बीजेपी के विरोधी हैं वह किस प्रकार यह कहते रहते हैं की "आएगी तो बीजेपी ही "..?
इसे ही कहते हैं ..राजनीतिक मूर्खता जी हां यह लोग राजनीतिक मूर्ख ही हैं , जब आप यह बेवकूफी करते हैं तब आप जीतते हुए भी हार जाते हैं यदि आपका प्रचार अपाहिज है और आप इन मानुभावो को बड़ा विशेषज्ञ मानते हैं।
अगर आप राजनीतिक बदलाव चाहते हैं जो लोकतंत्र में जरूरी है तो सबसे पहले ऐसे लफ़्फ़ाज़ों को अपने दोस्तों की लिस्ट से बाहर करें और अगर यह नॉन डिजीटल ( भोतिक रु में) भी मिलें तो बात न करें इस मुद्दे पर !
वह आपको भी इसी धारा में परवाह करवा देंगे।
राजनीति करने के लिए सबसे पहले सब्र और बादमे साहस और सबसे अधिक "जानकारी" होना अर्थात ज्ञान होना लाजमी है नाकि फड़फड़ाति हुई जबान।
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