दो हफ्ते पहले की बात है , मैं प्याज, आलू, अदरक और मूली के पत्ते जिसमें मूली की जड़ भी शामिल थी लेकर आ रहा था।
हमारे प्रदेश हाईवे पर कुछ मूंगफली वालों ने भी दुकान लगाई हुई हैं, मूंगफली भूनते हैं और लोगों को गरम-गरम मूंगफली भी दे देते हैं ।
जब मैं उधर से आ रहा था तो मेरी नजर मेरी नजर मेरे चचेरे भाई पर पड़ी जो मूंगफली वाले की मोबाइल को अपने हाथ में लिए हुए कुछ कर रहा था ।
उसने नजर उठाई तो मेरी ओर देखा और मुझे बुलाया भैया इधर आओ.... बहुत रेस्पेक्ट करता है वह मेरी ....मैंने कहा हां बताओ तो उसने कहा इस मूंगफली वाले भाई के फोन की जो लैंग्वेज है वह तब्दील हो गई है इसे आप बदल दो ठीक कर दो वह फोन मेरे हाथ में देकर चला गया।
वह मूंगफली वाला मुझे देख रहा था कि देखते हैं क्या करते हैं ठीक करते हैं कि नहीं ...?
मैंने उसका फोन हाथ में लिया तो मैं समझ नहीं पाया यह कौन सी लैंग्वेज है ...तो काफी देर में ज़हनी मेहनत की तब भी वह लैंग्वेज मुझसे इंग्लिश या हिंदी में नहीं हो पाई ।
तब मैंने अपना फोन निकाला और उसके फोन का मॉडल पूछा और यूट्यूब पर सर्च किया और कुछ ही देर बाद उसकी फोन की लैंग्वेज को इंग्लिश में कर दिया ।
उसकी आंखों में खुशी को मैं देख रहा था उसने यह बताया कि लगभग 1 हफ्ते से मैं इसको इसी तरह चला रहा हूं और परेशान हो रहा हूं आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।
मैंने सोचा क्यों ना थोड़ी सी मूंगफली ले ली जाए मैंने ₹10 जेब से निकाले और उससे कहा मुझे आप मूंगफली दे दीजिए
उसने कहा नहीं मैं आपसे पैसे नहीं लूंगा मैंने कहा क्यों...?
तो उस मूंगफली वाले ने कहा कि आपने इतना सारा वक्त दिया है मेरे मोबाइल को ठीक करने में क्या मैं आपके लिए यह भी नहीं कर सकता कि अपनी तरफ से कुछ मूंगफली दे दूं..?
मैंने कहा मैंने कहा नहीं बिल्कुल भी नहीं मूंगफली भी लूंगा आपसे और पैसे भी आपको लेने होंगे.. उन्होंने बहुत जिद करने के बाद पैसे लिए मगर मूंगफली को ₹10 की जगह ₹20 की कर दी जो मुझे अच्छा नहीं लगा ।
मैंने कहा यह तो मूंगफली ₹10 से ज्यादा है उन्होंने कहा कि नहीं ...मैंने उनसे कहा कम करो...
हालांकि उन्होंने फिर कम कर ली ...
अब मैं जब भी निकल कर जाता हूं मुझसे सलाम दुआ करता है और मुझसे हालचाल पूछता है!
उन्होंने कहा भैया आप क्या काम करते हो मैंने कहा कि मेरा काम यही है (समाज सेवा)
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