मुझे लगता है 90% वोटर ऐसे हैं जो प्रत्याशी नही देखते केवल पार्टी या विचारधारा को देखकर मतदान करते हैं ।
90 फीसद लोगो को विधायक से कोई भी
व्यक्तिगत काम नही होता।
90% लोगों का कोई भी विधायक व्यक्तिगत काम करता भी नही।
90% लोग असन्तुष्ट होते हुए भी वोट करते हैं ।
90% लोगों को मतदान से एक दिन पहले तक पता नही होता किसे वोट करना चाहिए।
90% ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल गलत साबित होते हैं।
90% संभावित उम्मीदवार के टिकट कटते हैं।
90% फीसद वोटर केवल इस बात पर वोट कर देते हैं कि आखिर उन्हें क्या क्या फायदे हुए और आगे क्या क्या होने वाले हैं , जिसमें व्यक्तिगत फायदे न होकर जातिगत फायदे होते हैं।
90% कम पढ़े लिखे गरीब ,और गैर जागरूक लोगों को आप केवल 4 चीजो का वायदा करके चुनाव जीत सकते हैं जिसमे , एलपीजी गैस, रासन गल्ला, बिजली , फ्री प्राथमिक इलाज हैं।
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