मेरा इश्क बेवफा तो नही

सबका इश्क करने का जी हाँ, सभी का इश्क करने का अलग अलग तरीका है ।

सब अपने हिसाब से अपनी पसंद से अपनी  नियत से अपने जज्बात से अलग अलग तरह से इशक कर सकते हैं हम कभी भी इस बात को सही नहीं ठहरा सकते कि सभी का इश्क एक तरह का मैं आपसे जो बताने जा रही हूं यह भी मैं इसकी की बात है।

मैं हमेशा से ही चाहती थी कि किसी गैर मामूली शख्स से मैं इश्क़ करूँ,  जी हां इश्क होता  किया नही जाता है मैं तो ऐसा ही सोंचती हूँ। आप खुद को मजबूर करते हैं.....किसी के इश्क में पड़ने के लिए,  आप मजबूर होते नहीं है आप मजबूर करते हैं खुदकी जात को... दूसरों के अच्छाइयों के सामने अपने आप को सरेंडर कर देते हैं।

एक घर में दो भाई थे उनमें से जो छोटे थे उनसे मुझे इश्क हो गया बहुत सारी वजह थी ।
वह हमेशा शांत खामोश रहा करते थे उनकी खामोशी मुझे ले डूबी जबकि वह देखने में बड़ा सादा से हल्के बदन के और कम कमाने वाले शख्स थे जब कि उनके मुकाबले में उनके बड़े भाई अच्छा कमाते थे तंदुरुस्त थे बहुत अच्छी बात करते थे वक्ता थे लोग बोलते थे  बहुत समझदार  शख्श है ।
पुलिस प्रशासन में उनकी जान पहचान थी उनके काम चुटकियों में हो जाया करते थे।
मगर इश्क इन चीजों पर भी हो सकता है जो उनके बड़े भाई में थी और और इस चीज पर भी हो सकता है जिस पर मुझे हुआ कि  कोई कुछ बोले ही ना .....चुप रहे लोगों को सुनें और उनका जवाब न दे, गुस्सा तो आये पर उसी चाल से छू भी हो जाय..!

मेरे हस्बैंड जब भी घर में होते थे कभी शोर नहीं चाहते उन्होंने मुझे नहीं जगाया जबकि मेरे पास उन्हे जगाने के हजारों बहाने थे।

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