तालीम ( शिक्षा) को कमजोर कहना इस दुनिया का सबसे बड़ा झुठ है , तालीम ने कमजोर को शक्ति प्रदान की औऱ यह कार्य रुकने वाला नही है चाहे आप कितना बड़ा सडयंत्र रचवा लीजिए , असल मे तालीम ही आपके दिल दिमाग को यह संदेश देती है कि आप किसी भी रूप में किसी अन्य या विरोधी से कम नही है , यह संदेश आपको जीवन जीने में मदद करता रहता है , जो लोग यह कहते हैं कि हम पढ़ नही पाए, पढ़ नही पाते , या अन्य रुकावट उत्पन्न हो गई तो वो इस शक्तिशाली हथीयार को उठाने में सक्षम नहीं है जो बाह्य रूप से विशाल प्रतीत होता है परंतु इसके आंतरिक रूप बिल्कुल शुक्ष्म है , लोग ऐसे होते हैं जो रेलगाड़ी में सफर करते हुए पूरी पूरी किताबे पढ़ डालते हैं , उनको यह मतलब नही होता कि उनके चारो ओर किस प्रकार का माहौल है , वो निडर होते हैं , परिस्थितियों को अपने मस्तिष्क बल से बदल देते हैं , आपको अगर आपका घर परिवार पढ़ने नही दे रहा है तो आप बहानेबाज हैं इसके सिवा आपके लिए कोई भी शब्द है ही नही , आपको इस दुनिया में ज्यादा समय तक नहीं रहना इसलिए आप अपनी चिंता और सफलता के लिए ज्यादा से ज्यादा समय खर्च करे , आपको स्वयं के साथ जीना है , आप खुदसे कभी अलग नही हो सकते ,और आपको जीने के लिए रोटी , कपड़ा और मकान की अतिआवश्यकता है ,और यह तीनों चीज आपके खुदके पैसों की होनी चाहिए , आप चाह रहे हैं कि आपका साथ जनता देगी पर याद रहे वो आपसे अधिक शिक्षाशाली हो कर आप जैसे कम पढ़े लिखे व्यक्ति के साथ ज्यादा से ज्यादा 1 दिन , 1 माह , या 1 वर्ष दे सकते हैं ।
आपको सावधान रहना होगा कि आपके पास जो कुछ घटित हो रहा है उसके आप खुद ही तो जिम्मेदार हैं ,
जब तरक्की मन मे होती है तब आपका चेहरा खिलता है और वो समय आपके मस्तिष्क के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है जब आप मुस्कुराते हैं , आपने कई जगह सुना या पढ़ा भी होगा ,
याद रहे,
शिक्षा कोई हथीयार नही है
यह तो आपके मन को उज्ज्वल करने के लिए एक दीपक है एक चिराग है , एक रोशनी है ,
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