अपरिपक्व मस्तिष्क

जंग बार बार बिना अंतराल के नही लड़ी जाती , आपके सेनापति आपको मरवा देंगे , जबकि जंग कुर्बानी के लिए लड़ी जाती है न कि मरने के लिए , आपको हारने के लिए तैयार किया जा रहा है ,जबकि जंग में अगर जीत का जज्बा व उम्मीद नहीं हो तो वो लड़ने से पहले ही हारी हुई मानी जाती है ।
आप चाहते हैं कि आप अशिक्षा मिटा दें तो आपको कलम को अपने झंडे के मूल स्थान में शामिल करना होगा , आप चाहते हैं कि आप सत्ता में बन जाएं तो आपको विचारों से परिपक्व होना पड़ेगा , आप लोगो के हाथों को काटकर उनके हाथों में हथकड़ियों को डालना चाहते हैं ये मुमकिन नहीं , हथकड़ियों के लिए भी हाथों की जरूरत पड़ती है और कलम को चलाने के लिए भी हाथ आवश्यक है , आपके शरीर में जो सांसे चल रही है यह आपके लिए स्टॉपवॉच है अब यह नही रुकेगी इसलिए किसी का बुरा करके अपनो का अच्छा करना बंद कीजिए ।

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