कमजोर रहनुमाई

अभी हाल ही हुई कई मुलाकाते ऐतिहासिक रही हैं जिनमें  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओर उत्तर कोरिया राष्ट्रपति किम जोंग उन, हालांकि सभी इस बात से परिचित हैं की इन दोनों मुल्कों में कितनी नफ़रत एक दूसरे के खिलाफ हैं वजह चाहे कुछ भी हो पर इनकी मुलाकात का संपूर्ण जगत पर अच्छा खासा प्रभाव पड़ा।
उसके कुछ समय बाद उत्तर कोरिया एवं दक्षिण कोरिया के दोनों राष्ट्रपतियों की मुलाकात ने सभी को सोचने पर मजबूर किया ।
इन तीनों की व्यक्तिगत बात न कि जाए तो ये सभी मुलाकाते इन्होंने अपने देश हित में कि हैं ना कि इनको अपने बच्चो की शादियां आपस  में करवानी है।
पर आज मुस्लिम समाज कई पार्ट में बटा हुआ है ओर कोई भी फिर्के का मोतबर इस काम को नहीं कर पा रहा जो इनकी काबिलियत पर एक निशान है ,कोई भी व्यक्ति अगर तीन साल लगतार किसी विषय  अध्ययन करता है तो वो भी इन आलिमों की तरह इल्म हासिल कर सकता है पर जो समझ बूझ ओर तजरबा उम्र के हिसाब से हासिल होता है उस से ये तीन साला आलिम अनभिज्ञ होगा।
अब इसमें आगे लिखने की जरूरत नहीं है काफी लोग बात का निष्कर्स पर जा चुके हैं कि मै क्या कहना चाहता हूं इस लेख के माध्यम से।

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